Shiksha Sahayak Bharti @ Sikar


जेब पर भारी भर्ती

सीकर। प्रांरभिक शिक्षा विभाग की ओर से होने वाली शिक्षा सहायकों भर्ती भी अभ्यर्थियों की जेब पर भारी पड़ेगी। वजह है भर्ती जिलास्तर पर होना। अभ्यर्थी जितने ज्यादा जिलों में आवेदन करेगा उसकी जेब का खर्चा बढ़ता जाएगा। कनिष्ठ लिपिक भर्ती की तरह शिक्षा सहायक की मेरिट भी हर जिले की अलग रहेगी। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन तीन जून से शुरू होंगे। अभ्यर्थी एक जुलाई तक फीस का टोकन कटा सकेंगे। जबकि ऑनलाइन आवेदन दो जुलाई तक भरा जा सकेगा। प्रांरभिक शिक्षा विभाग ने भर्ती की संबंध में विज्ञप्ति वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।

भर्ती में शामिल होने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 275, ओबीसी, एससी व एसटी को 175 रूपए व विकलांग अभ्यर्थियों को 75 रूपए चुकाने होंगे। नौकरी की उम्मीद में बेरोजगार अभ्यर्थी औसत 15 से 25 जिलों में आवेदन करता है। इस तरह अभ्यर्थियों को 3000 से दस हजार रूपए चुकाने होंगे।

यहांं सबसे ज्यादा पद
शिक्षा सहायक की सीधी भर्ती में सबसे ज्यादा पद जयपुर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा , नागौर, पाली व उदयपुर जिले में हैं। जयपुर में 2173, उदयपुर में 1827, अजमेर में 1041, अलवर में 1770, बांसवाडा में 1340, बाडमेर में 1706, भरतपुर में 1278, भीलवाडा में 1317, नागौर में 1518 व पाली जिले में 1042 पद हैं।

कहां कितने पद
झुंझुनूं में 968, सीकर में 1173, चूरू958, बांरा में 657, बीकानेर में 1013, बूंदी में 586, चित्तौड़गढ़ में 801, दौसा 770, धौलपुर 659, डूंगरपुर 916, श्रीगंगागनर 903, हनुमानगढ़ में 696, जैसलमेर में 498, जालोर में 989, झालावाड में 720, जोधपुर में 1600, करौली में 768, कोटा में 708, प्रतापगढ़ में 604, राजसमंद में 692, सवाईमाधोपुर में 681, सिरोही में 596 व टोंक में 721 पदों पर भर्ती होनी है।

12 जुलाई तक परिणाम
भर्ती का परिणाम 12 जुलाई तक आने की उम्मीद है। इसके अलावा अगस्त में नियुक्ति देने का शिक्षा विभाग ने दावा किया है। भर्ती में कक्षा दसवीं को योग्यता निर्घारित किया गया है। मेरिट निर्घारण में दसवीं के अंकों को 70 प्रतिशत वैटेज मिलेगा। इसके अलावा पैराटीचर, मदरसों के शिक्षक, लोक जुम्बिश में लगे शिक्षाकर्मी व विद्यार्थी मित्रों को अनुभव के आधार पर दस से तीस अंक मिलेंगे।

इधर, प्रेरकों में नाराजगी
शिक्षा सहायक भर्ती में प्रेरकों को अनुभव का फायदा नहीं मिलने पर साक्षरता प्रेरकों ने नाराजगी जताई है। प्रेरक संघ के जिला प्रवक्ता प्रभात कुमावत ने बताया कि प्रेरक पिछले दस वर्ष से महज दो हजार रूपए के मानदेय पर कार्य कर रहे है। संघ ने प्रेरकों को बोनस अंक नहीं देने पर जिलेभर में आदोलन की चेतावनी दी है

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